यह शोध पत्र भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं की भागीदारी का क्षेत्रीय तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत करता है। स्वतंत्रता आंदोलन में महिलाओं की भूमिका न केवल राजनीतिक संघर्ष तक सीमित थी, बल्कि वह सामाजिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक क्षेत्रों में भी व्यापक रूप से फैली हुई थी। पूर्वी भारत की महिलाएं सशस्त्र क्रांति में अग्रणी रहीं, जबकि पश्चिमी भारत की महिलाओं ने अहिंसात्मक आंदोलन और सामाजिक सुधारों के माध्यम से योगदान दिया। उत्तरी भारत की महिलाओं ने धार्मिक और सैन्य नेतृत्व की भूमिका निभाई, और दक्षिणी भारत की महिलाओं ने शिक्षा तथा सांस्कृतिक आंदोलनों से आंदोलन को मजबूती प्रदान की। इस शोध में विभिन्न क्षेत्रों की महिलाओं के योगदान, उनके संघर्ष और प्रभावों का गहन विश्लेषण किया गया है, जिससे स्वतंत्रता संग्राम में नारी शक्ति की विविधता और सामर्थ्य का स्पष्ट चित्र उभरता है। यह अध्ययन न केवल महिलाओं के बहुआयामी योगदान को उजागर करता है, बल्कि भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के व्यापक और समावेशी स्वरूप को भी दर्शाता है।
Saroj Bala, Jaswant Singh , Amit Chamoli, "स्वतंत्रता संग्राम में महिलाओं की भागीदारी का क्षेत्रीय विश्लेषण: पूर्वी, पश्चिमी, उत्तरी और दक्षिणी भारत की तुलना", Vol. 3, Issue 1, 19-04-2025, pp. 84-98.