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ISSN: 25838512
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ग्रामीण जनसंख्या का नगरीय प्रवास और इसके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों का भौगोलिक अध्ययन

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Abstract

यह अध्ययन ग्रामीण जनसंख्या के शहरी क्षेत्रों में प्रवास के सामाजिक, आर्थिक और भौगोलिक प्रभावों का विश्लेषण करता है। मिश्रित शोध पद्धति (Mixed-Method Approach) का उपयोग करते हुए, गुणात्मक डेटा साक्षात्कार और समूह चर्चाओं के माध्यम से तथा मात्रात्मक डेटा सर्वेक्षण और भौगोलिक विश्लेषण द्वारा एकत्रित किया गया।

परिणाम स्पष्ट करते हैं कि प्रवास से ग्रामीण परिवारों की आय और रोजगार अवसरों में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई, और बच्चों की शिक्षा में सुधार देखा गया। शहरी अर्थव्यवस्था में प्रवासी श्रमिकों का योगदान प्रमुख रूप से निर्माण, सेवा और छोटे उद्योगों में पाया गया, जिससे नगरीय आर्थिक गतिविधियों को गति मिली।

इसके बावजूद, शहरी बुनियादी सुविधाओं पर दबाव बढ़ा; विशेषकर आवास और परिवहन पर अत्यधिक बोझ पड़ा, जबकि जल, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं पर मध्यम से उच्च दबाव दर्ज किया गया। प्रवासी समुदायों को सामाजिक असमानता और स्वीकृति की चुनौतियों का सामना करना पड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि श्रमिकों की कमी और खेती में रुचि में कमी देखी गई, हालांकि परिवारों की आय और शिक्षा में सुधार बना रहा।

अध्ययन यह संकेत देता है कि प्रवास के सकारात्मक प्रभाव मुख्यतः आर्थिक और शिक्षा सुधार में हैं, जबकि नकारात्मक प्रभाव शहरी सुविधाओं

How to Cite

Yogesh Tak, Suman, "ग्रामीण जनसंख्या का नगरीय प्रवास और इसके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों का भौगोलिक अध्ययन", Vol. 3, Issue 2, 26-04-2025, pp. 89-104.